Yuhi
वो प्रेम करती है तुम्हें उसे सदा अपने साथ रखना उदास दिखे कभी तो होले से हाथ पर हाथ रखना उसके दुःख में उसके लोगों के हाथ बंध जाएं गर तो उसके लिये तुम खुले अपने दोनों हाथ रखना यूँ तो वो मुसीबत में कमजोर नहीं पड़ती है पर दिखें आंसू कभी तो आँखों पर अपने हाथ रखना वो तन्हा न महमूस करे खुद को भीड़ में भी कभी निडर रहेगी बस उसके हाथों में अपना हाथ रखना कहती रहती है हर बार एक यही बात मुझसे वो "मेरी मांग पर सिंदूर लिये तुम ही अपना हाथ रखना "ये हवाएं भी कोशिश में हैं तेरी उम्मीद बुझाने को तू भी दिये के चारों ओर जमाए हाथ रखना!! कुछ खामोशियाँ हैं उसके अंदर अगर ढूंढ सको तो उसकी मन की चिके सुनना। यूँ तो रोती है रातों में वो अकेले, तुम जब भी वो हँसे उसकी छुपी हुई सिस्कियाँ समझ्ना वो सब कुछ समझ चुकी है तुम्हें अपना, तुम उसकी उम्मीदों पर डटे रहना। कुछ गलत चली जाए वो अगर किसी कारण, तुम समझा कर उसे अपने बराबर न सही पर अपने साथ रखना। वो बनकर रहेगी सदा तुम्हारी दासी, तुम मर्द की तरह मर्द के लहजे में रहना। टूटे हुए सपने हैं उसके, तुम अपने हाथों से उसकी किस्मत रचना। और हाँ!! वो अलग हैं दुनिया की भीड़ से, तुम उसे बिल्कुल दुनिया से उसे अलग ही रखना। ❤️
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