ye kya hogye ho tum
तुम अक्सर गमों के करीब क्यूं रहते हो सब पास हैं फिर भी तन्हा क्यों रहते हो। कौन से सुकूं की तलाश में हो तुम क्यों हर वक्त इतने बेचैन रहते हो। आख़िर कौन है वहां... क्यों इस वीरान आसमां को तकते रहते हो। जो पास है उसकी फिक्र को छोड़ क्यों खो गए की यादों में खोए रहते हो। तुम अपने आप में ही एक जहां हो ये बात मुसलसल क्यों भूल जाते हो।
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