Voices for Wellness – एहसास से
चुप्पी ओढ़े सब कुछ सह जाता है, कौन है जो मन की आवाज़ सुन पाता है? कभी एक सांत्वना भी चमत्कार कर जाती है, हर ज़ख्म सिर्फ़ दवा से नहीं, बातों से भी भर जाती है। मरीज़ की ख़ामोशी में भी उम्मीद छुपी होती है, हर दर्द की दास्ताँ पर्ची में कहाँ लिखी होती है? किसी से मदद मांग लेना हार नहीं, हिम्मत होती है, स्वस्थ मन ही असली सुख की शुरुआत होती है। जब कोई सुन ले दिल से, बिना शर्त, बिना शोर, तभी शुरू होता है ‘एहसास’ से ‘इलाज’ तक का दौर।
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