ख्वाहिश
मैंने हर मोड़ पे बस तेरा ही रास्ता देखा, भीड़ में भी तुझे ही अपना सहारा देखा। तेरी हँसी के लिए खुद को मिटा सकता हूँ, मैंने आईने में भी तेरा ही चेहरा देखा। तू सलामत रहे, ये मेरी मोहब्बत की क़सम, मैंने हर दर्द में बस तेरा ही किस्सा देखा। लोग कहते रहे दीवानगी है ये मेरी, मैंने इस इश्क़ में खुद को भी जलता देखा। दुनिया चाहे मुझे कुछ भी समझती रहे, मैंने हर सांस में बस तेरा ही सपना देखा।
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