मेरे सरकार
लाइन बड़ी है भक्तों की , पर हम भी पीछे खड़े है कहीं , हां माना कि गलतियां है कई पर आस टिकी , तुझमें है सभी , यह मन उत्साहित ना कभी हुआ , किसी "जीत - हार "की शोर में , यह मन प्रसन्न इस बात से है , की तू मेरे साथ रहा हर मोर में , दुनिया तो सिर्फ परिणाम देखती , मैने रास्ते में तुझे महसूस किया , जब भी सिर झुकाया सामने , हर कण में तेरा प्रतिबिंब दिखा , मैं तो तेरे लायक नहीं हु , मुझे अपने लायक बना दे तू, इस कीचड़ में एक कमल का , फूल जरा सा खिला दे तू , हर जीत में याद रहे , हर हार में पास रहे , बस इतनी बुद्धि दे देना , मेरी हर चिंता में , तू मुझसे ज्यादा चिंतित, बस कह देना , बाकी जैसे साथ दिया अब तक , आगे भी वैसे देना, फिर जैसे रखना चाहोगे , वैसे हर शन मुझको रखना
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