सुकून की तलाश
शुक्रिया आपका आपने मुझे ढूंढ लिया, या फिर किस्मत ने इस बार मेरा साथ दिया। जिसे ढूंढ रहा दर-बदर, उस सुकून को आज मैंने पा लिया। बस इस लम्हे में आज मुझे रहने दो, खुशी के ये पल मेरी झोली में डाल दो। क्या पता कल क्या होगा, ये सुकून के पल अब मुझे जीने दो। अब तन्हाई ने मुझसे मुंह मोड़ लिया है, क्योंकि आपने मुझे दिल से अपनाया है। तुम इस तरह से मेरी ज़िंदगी में आए हो, जैसे भटक रहा था कहीं दूर, उजाले की ओर आप लेके आए हो। सफरनामा बस ऐसे ही चलने दो इस रात का, क्या पता कल की सुबह लेके आए एक नयी दास्तां।
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