वारदात
वारदात ============== कराह रही गुंज आब तक, तालीयोके गडगडाटमेभी आबतक, गुजर चुका है वक्त सारा, आंधीयोसे लढते लढते. एक शाक ने तेरे, बहोतसी बातें बदल दी, जींदगीका मकसदही बदल गया. शाॅक तो लग गया लेकीन, वारदात का दर्द आभी बाकी, चोट कहा लगी नाही ...., लेकीन सोच पुरी की, पुरी. आलगगही हो गयी. वफावो के दौर मे....., कुछ आनहोनीहो सी गयी, हम सुला चाहते थे....., सामने से वारदात हो गयी, वारदात हो गयी. =============
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