जंतर मंतर
लद्दाख से आया है वो, जंतर मंतर पर बैठा है वो। देश के बच्चों के भविष्य के खातिर, 17 दिन से अनशन पर बैठा है वो।। कहां गये है वो, कोई उन्हें ढूंढों, उनको, अमीरों की फिकर सताती। मेलानी को, मेलोडी खिलाते, हंसते गाते, विदेश को जाते है वो, पेपर लीक से, क्या फर्क है पड़ता, बेरोजगारी,महंगाई से परेशान है जनता, मीडिया को तो चुप ही, करा देते है वो।। कहां गये है वो, कोई उन्हें ढूंढों।। अंधी तो थी ही, क्या बहरी भी है सरकार, वांगचुक के मर जाने का है क्या इंतजार।, मचा हुआ है देश में सब जगह हाहाकार, पर मीडिया करे सरकार की जयजयकार।। इतना भी अभिमान अब मत करो सरकार, कब तक करोगे कॉकरोचों पर अत्याचार। बड़ा दिल कर के बातचीत को हो जाओ तैयार, दे दो इस्तीफा प्रधान, नहीं तो होगा फिर आरपार।।
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