रेस
रेस ============= रेस की दौडती जींदगीमे...., लगडे घोडे को घास नही..., साधी गोली मारी जाती है..., ईसीलिये कुछ लोग रेस से दुर भागते है. रेस मे रहनने का मतलब..., ये कदापि नही......., आप सीधे लंगडे घोडे को गोली मारो, आगर सबर हो ,फायदे का तो!, ऊसे महरम लगाकर भी, फिर से रेस मे दौडाया जा शकता है. ऊससे आपका कुछ जादा बीगडेगा नही, दुवा और दील को सुकून....., एक साथ मीलेगा.,, और रेस मे फिर से जीतनेका मौका भी. लेकीन रेस खेलने का नजरीया, थोडा हाटकर कुछ औरौसे, थोड ऊचा होना चाहीये, तभी तो आप रेस का मजा , दिलके सुकून से .... एकसाथ ऊठावोंगे...... एक साथ ऊठावोंगे. ============================
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