शीर्षक : कैसा भी हो
कैसा भी हो दिलबर मेरा सिर्फ होगा ओ मेरा उसके बिना एक पल कटता नहीं मेरा क्या कहूॅं कैसा भी हो... रातों का तारा हैं मेरा तु सहारा हैं सपनो की दुनियाॅं का मेरा नजारा हैं जैसा भी हो प्यारा हो दिलदार मेरा सिर्फ होगा ओ मेरा क्या कहूॅं... सारा जहाँ उनकी चर्चा करते हैं दुनियाॅं में उनका नाम लिये जाते हैं ऐसा भी हो दिलकश हो सच्चा प्यार मेरा सिर्फ होगा ओ मेरा क्या कहूॅं... धनराज नथू बाविस्कर मो. ९०१६०३१७१२
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