शायरों का शहर
आज शायरों के शहर में खामोशी छाई है मेरे दिल के समंदर में तेरी नहर समाई है आज शायरों के शहर में खामोशी छाई है ख्वाबों में गुम था मैं, तूने बंद अँधेरे कमरे में खूबसूरती की लौ जलाई है आज शायरों के शहर में खामोशी छाई है क्योंकि सितारों के बीच चाँद की शुआएँ आँखों में समाई है आज शायरों के शहर में ....
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