युक्ति
विनम्रता कोई कमजोरी नहीं आपके विद्वत्ता की निशानी है अभिवादन आत्म समर्पण नहीं आपके बड़प्पन की कहानी है। अगर कोई आपको उकसाये तो संकेत ये समझ लो भैया थोड़ा ठहरो विचार करो समझे उलझो नहीं नियंत्रण सीख लो । ध्यान में सदैव आपका लक्ष्य रहे उलझना यानी लक्ष्य से विचलित हुवे ये दलदल है इसमें डूबते ही जाओगे खुशहाली कल्याण को दूर भगावोगे। व्यक्ति नहीं भावनाएँ दोषी है व्यक्ति पर तरस खोओ भैया कभी साथ बैठो सुनो उसकी पीड़ा फिर उसे अपना सहयोग संबल दो। पर अपनी सुरक्षा भी जरूरी है स्वयं तनाव से बचना भी जरूरी है रोक नहीं सकते आप कलह को उचित प्रबंधन व कौशल ही युक्ति है ।
Ad
Poetry Books 50% Off
Bestselling collections from top poets
Shop Now →
