धनु ❤
तुम यूँ ही नहीं मिले तुम यूँ ही नहीं मिले, शायद दुआओं का असर हो। या फिर रब ने मेरी तन्हाइयों पर थोड़ा-सा रहम किया हो। एक अनजान-सा संदेश आया, और ज़िंदगी बदलने लगी। बातों-बातों में मुस्कुराहटें मिलीं, दिल की धड़कनें सँवरने लगीं। न तुम्हें देखा, न पास बैठा, फिर भी तुम अपने-से लगे। तुम्हारे हर शब्द में अपनापन था, जिसने मेरे दिल को छू लिया। दूरी चाहे जितनी भी हो, प्यार का एहसास कम नहीं होता। सच्चा रिश्ता वही होता है, जो भरोसे से जीता जाता है। तुम मेरी सुबह की पहली मुस्कान हो, मेरी रात का आख़िरी ख़याल हो। मेरी हर दुआ में शामिल हो, मेरे दिल का सबसे ख़ास सवाल हो। अगर कभी ज़िंदगी हमें मिलाए, तो पहली मुलाक़ात भी यादगार होगी। और अगर किस्मत ने साथ लिखा है, तो हर सफ़र तुम्हारे नाम होगा। रब से बस यही दुआ है, तुम हमेशा यूँ ही मुस्कुराते रहो। मेरे हमसफ़र बनकर, हर मोड़ पर मेरा हाथ थामे रहो। क्योंकि कुछ रिश्ते अचानक बनते हैं, लेकिन उम्रभर साथ निभाते हैं। और तुम... मेरी ज़िंदगी की वही सबसे ख़ूबसूरत कहानी हो।
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