यदि मुझे मौका मिला
यदि मुझे मौका मिला मैं आसमान की ऊँचाइयों से सपनों को इकट्ठा करूँगा, उनमें रंग भरूँगा, जिनकी कल्पना मैंने हर रात की चाँदनी में की है। मैं नदियों की लहरों में अपने विचारों को तैरने दूंगा, हर मोड़ पर नए अनुभवों की ओर बढ़ते, जैसे फूलों की खुशबू हवा में बिखरती है। यदि मुझे मौका मिला मैं समय को रोकूंगा, खुद को उन लम्हों में खो जाने दूंगा, जो हमारे पास कभी-कभी ही आते हैं। गहराइयों में जाकर दुनिया की सच्चाई खोजूँगा, सामने बैठकर बरसात की बूँदों को सुनूँगा, मन की चुराई हुई शांति में खुद को पाऊँगा। यदि मुझे मौका मिला तो मैं हर रोज़ को एक नई कहानी में बदलूँगा, हर दिन की सुबह सूरज की किरणों से अभिनव रंगों में रंजित करूँगा। मैं चाहूँगा, कि हर कोई समझे सपनों की शक्ति को, चाहे वो छोटे हों या बड़े, हर एक से बनता है हमारा सफर, हमारी मंजिल का।
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