वादा
कीसान ============== आधा आधुरा नही, वादा है हा हमारा कोई खेल नही, काॅफी शब्दही है....., कोई तोफ नही हम, लेकीन एक सच्चे होने का ऐहसास है. माना की वक्त के साथ बदलना, ईन्सानी फतरत है.... , मगर यहा माटीसे जुडे लोगो की... , औकात ही कुछ और है. हमारा प्यार और पॅशन आलगही है, जमीन पे होकर भी हम, उडते परींदेके पर गीनते है, अन्नदाता है पर कोई गर्व नही. ऊसुल हमारा साधा है, मेहनत करके...., जमीन से किंमत की आशा करते है, क्युकी हम किसान है, क्युकी हम किसान है. =======≠============
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