काबिलीयत
काबिलीयत ===================== काबिलीयत का कोई ठीकाना नही होता, जोहर , और आपना वजुद, वह बना ही लेता है , चाहे परीस्तिस्थी कैसी भी हो. हुन्नर एक बडा राज है, जीसके पास है, वो जीवन मे सदा पास है. गिरकर उठना एक जीद है, मगर काबिलीयत का होणा, सोने पे सुहागा है..., !. किरदार आदमीका बनता बीघडता हे, लेकीन काबिलीयत, और हुन्नर सिरीफ ऊसे , यकीनन नीखारताही है, यकीनन नीखारताही है. =====================
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