एक मौका
जो नफरत करते हैं मुझ से प्रेम की गंगा उनके दिलों से बहा दूंगी उन पत्थर दिल के टुकड़ों को चमकता हीरा सा बना दूंगी उस जहरीली जीभ को शहद खिलवा दूंगी उस बेचारे को भी सीडी चढ़ा दूंगी उन शक की आंखों को विश्वास से भर दूंगी मौका तो दो एक मैं क्या कुछ नहीं कर दूंगी
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