दिलो की बातें
नज़र करे कसूर। तड़पना इस दिल को पड़ता है।। ख्वाब देख आंखें । रोना इस दिल को पड़ता है।। खयालों में सब कुछ मान चुके हैं उसे। बात दिलो की कह नहीं पाता है।
Ad
Poetry Books 50% Off
Bestselling collections from top poets
Shop Now →
नज़र करे कसूर। तड़पना इस दिल को पड़ता है।। ख्वाब देख आंखें । रोना इस दिल को पड़ता है।। खयालों में सब कुछ मान चुके हैं उसे। बात दिलो की कह नहीं पाता है।
Poetry Books 50% Off
Bestselling collections from top poets