इशारा जिंदगी
जिंदगी के लम्हों में अपना सा कोई राज है, ख्वाबों के नगर में डूबा सा एक नाम है। मेहनत के बीच में छुपा कोई स्वार्थ है, समझो भी कभी ये बाते कोय अपना सा साथ हे। ज़िन्दगी के पीछे चला ये पागल हे। समजावो कभी उसे आगे जिंदा दिल से ज्यादा आग हे।
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