सहनशक्ति?
सहने कि हद न पूछो साहब मैंने। वहां से। उठकर शुरुआत कि जहां इंसान मौत को गले लगा लेते हैं ,, और पर एक बात याद रखिएगा ये परिस्थितियां हमें मजबूत बनाने के लिए आती है,, और ईश्वर शायद मेरे द्वारा कुछ बहुत बड़ा कराना चाहते हैं ,, इसलिए हमें तकलीफ़ देते हैं इसलिए जो हो रहा है वहीं हमारे लिए बेहतर नहीं बेहतरीन है। ✍️✍️ जानवी कि कलम से ✍️✍️✍️✍️✍️✍️🧑⚕️🧑⚕️🧑⚕️🧑⚕️🧿🙏
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