जिंदगी
ये धुप कितनी अच्छी व सुनहरी होती है ना, पर न जाने यही धुप कब झुलसाती गर्मी मैं बदल जाती है। कुछ यही हाल है मेरी जिंदगी का भी। मुझे पता ही नहीं चलता कब मेरी जिदंगी जीने की आश सब छोड मरने की आशा में बदल जाती है।।🥺🤞
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