इश्क़
निहारता हूं उसे ,हर दिन कोई उसे एहसास तो कराओ न प्यार मत करो पर प्यार से मुस्कुराओ न तेरी ख़ुशी ही तो देखनी है मेरे लिए नहीं पर खुद के लिए ही प्यार से मुस्कुराओ न जिंदगी मरहूम सी हो रही है, मेरी मार दो पर तड़पाओ न
Ad
Poetry Books 50% Off
Bestselling collections from top poets
Shop Now →
