सफर जिंदगी का उसके साथ
"मजबूरियों के नाम पर उसे छोड़ना पडा, दिल तोड़ना कठिन था पर तोड़ना पड़ा तूफान पर लिखे थे मेरे प्यार का नाम कश्ती को साहिल की तरफ मोड़ना पड़ा मेरी पसंद वो थी और उसकी पसन्द कोई और इतनी जरा से बात पर उसको मुझे छोड़ना पड़ा करता भी किसके नाम मैं दिल की किताब को पन्नो को पड़ने से पहले ही पन्नो को मोड़ना पड़ा उसकी यादें कैद मेरे जिस्म की दीवार में रही अपने बदन से अपना सर फोड़ना पड़ा" 📖 RKG 🖊️
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