पन्नों में छुपा इश्क।
कितना सच्चा है न, ये पागलपन? शब्दों से बनी, प्यार की कहानी से प्यार होना। धीमे पन्नो से तुम्हारी सांसें महसूस करना, खामोश लफ्जों की दुनिया में तुम्हारी आवाज़ सुनना, छूने की चाह में तड़पना। मेरी उदास सी जिंदगी में, तुम्हारा खुशबू बिखेरना। लेकिन दिल ये सोच के टूट जाता है, ये वो प्यार है, जो मैं कभी पा नहीं सकती। तुम्हे पाकर भी खोने का दर्द है। - Men in books... -Shakshi Sharma🖤
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