मैडमजी
की मैडम जब आप रोज रात में खाना नहीं खाते हो। तो ऐसा क्यों लगता है कि मैं भूखा सोता हूं।। की मैडम जब आप मेरे से नाराज होते हो। तो ऐसा क्यों लगता है कि मेरा भगवान मेरे से नाराज हो गया।। की मैडम जब आप मेरा कभी फोन नहीं उठाते हो। तो ऐसा क्यों लगता है कि मैं बेचैन हो गया।। की मैडम जब आप किसी दूसरे मर्द का बात करती हो। तो ऐसा क्यों लगता है कि मैं आपसे दूर हो गया।। की मैडम जब आप रोज प्यार से बात करती हो । तो ऐसा क्यों लगता है कि बक्सर सहरसा के पास आ गया।। की मैडम मै आपके लिए चांद सितारे तो नहीं ल सकता। पर ऐसा क्यों लगता है कि मेरा चांद सितारा भी आप ही हो।। की मैडम जब कभी आप अपने मुंह से मुझे क्यूटी पाई बोलती हो। तो ऐसा क्यों लगता है कि आप मुझे दुनिया से ज्यादा मानती हो।। की मैडम जैसा आपको मै मानता हूं। तो ऐसा क्यों नहीं लगता कि आप भी मुझे उतना मानती हो।। की मैडम होंगी आप अपने स्कूल की बच्चों की। पर मुझे ऐसा क्यों लगता है कि आप मेरी जिंदगी भर की मैडम हो।।
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