आप
मैं कोशिश करता हूँ उन आखों में कुछ ढूंढ पाने की जिनकी पलकें एक सुन्दर नदी की तरह शान्त हैं.....! ढूंढता हूं कुछ बहाने यह बता पाने का, कि यह माथे पर लगी है बिंदी आसमान में शोभित चांद की तरह है.....! इस अपूर्ण और अथाह प्रेम की कहानी बस इतनी सी कि होठों की मुस्कान देखकर सहम जाता हू.......! फिर यह लोग, यह लोगों की बातें, यह दुनियां, यह दुनियादारी सब छोटी लगने लगती है ..........! जी चाहता है मांग लूं हमेशा के लिए कुछ.......! खैर कहां मैं, आप और आपकी यह सुंदरता.........❤️
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