वजह
तेरी ऑखों में पानी था, उस पानी कि वजह थी में। रोया था वो शख्स मेरे लिए, उसके हँसी को सजा दी मैंने, अंधेरे में जागने की वजह बन गई। भरोसा नहीं था उसे अपनो पर, मैं मुझे भुलने की वजह बन गई । भरोसा रखना शिकायत है अपनो पर, मुझे भूलकर अपनो पर भरोसा बन गई। खाली एक तरह फिरता था गलती में, मैंने उसे छोड़कर पढ़ने की वजह दे गयी। मैंने छोड़ा नहीं उसे,उसे संवारा है। उनको लगता है कि मैंने धोखा दिया, मैंने जिना सिखाकर ,गुस्से की वजह बन गई। उनको तकलीफ़ होती है बात करने मे हमसे, उनकी जिन्दगी कि वजह थी में। वो मुझे गलत समझे ,पर भगवान जानतें हैं। उस शख्स को जिंदगी जितना सिखाया है। एक गलती हमसे हुई, उनके रोने की वजह बन गई।
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