🛟🛟जीवन एक पंक्ति🛟🛟
जो अपना नहीं उस पर हक जताना छोड़ दो, अपनी जिंदगी को कोई और नया मोड़ दो, तुम कब तक अपना वक्त बर्बाद करोगे, फिर तुम अपने सपनों को कैसे पूरा करोगे, जिंदगी है जनाब दुख भी आए हैं तो सुख भी आएंगे, अपनी जिंदगी में हार मानोगे तो कुछ नहीं पाएंगे, सुना है वक्त के साथ हालात बदल जाया करते हैं, फिर भी इन मुश्किलों से इतना क्यों डरते हैं, कोई अपनी किस्मत साथ लेकर नहीं आता, जिंदगी में अपनी किस्मत को वह खुद बनाता है, क्योंकि खुदा तो इंसान को कोरे पन्ने के समान भेजता है, और इंसान अपनी मेहनत से ही किस्मत को सब कुछ देता है, यूं ही इल्जाम लगाना छोड़ दो किस्मत को, बदलना है तो बदलो अपने आप को:: ✍️ भावना शर्मा ✍️
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