मुहम्मद
हमारे मुहम्मद से बढ़कर नहीं है ये दुनिया, बहारे, चमन, ये कलियां हमारे मुहम्मद से बढ़कर नहीं है ये ज़िन्दगी, जहां, मकान, ये गलियां हमको मिलता है पानी आबे-जम-जम का हमारी हवा मदीने की महक है ऊंची शान है आला पहचान है, मेरे मुहम्मद का आला मक़ाम है हमारे मुहम्मद से बढ़कर नहीं है ये दौलत, शौहरत, ये इज्ज़त, आबरू हमारे मुहम्मद से बढ़कर नहीं है ये दुनिया, बहारे, चमन, ये कलियां
Ad
Poetry Books 50% Off
Bestselling collections from top poets
Shop Now →
