सैनिक
सैनिक ही है वो, जो स्व निद्रा त्याग देश को चैन की निद्रा देते है। जीते हैं वो जांबाज खौफ के साये में, हमें हर बला से महफूज रखते हैं। धन्य है वो माता, पूजनीय है वो पिता, जो सैनिक जैसे फरिश्ते को धरा पे लाते है। हृदय को बना के पाषाण, अपने आत्मज को, धरती मां की रक्षा हेतु, शरहदों पे भेजते हैं। वीरांगना है वो भार्या, जो अपने सुहाग को देश की खातिर , शरहर्दो पे भेजती हैं। सैनिक अकेले जांबाज नहीं, उनका सम्पूर्ण घराना जांबाज है, जहां हम अपने घराना को महफूज रखने की कामना करते है, सैनिक का घराना तज निज आत्मज मोह, देश को रखवाला देते है। सलाम वीर सैनिकों को जो तज निज प्राण गंवाने की फिक्र हमारे प्राणों की रक्षा करते है।
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