रक्तदान
इंसानियत का धर्म निभाओ युवाओं तुम आगे आओ जरूरतमंद के प्राण बचाओ रक्तदान करके अपना धर्म फैलाओ। अपना प्यार साबित करने के लिए तो नसें काटते फिरते हो भला फिर रक्तदान करने के लिए क्यों इंकार करते हो तुम्हारी एक कोशिश से कई चेहरे मुस्कुरा सकते है फिर क्यों तुम रक्तदान करने से डरते हो?? अरे मानव तू कितना स्वार्थ दिखायेगा कब तक! आखिर कब तक सिर्फ पाने की चाह में खुद को रमाएगा वो ज़िंदगी भी क्या ज़िंदगी जो किसी के काम ना आ सके खुदगर्ज मत बन तेरा भी कभी ना कभी मदद मांगने का वक्त आएगा। आओ दोस्तों हम मिलकर मदद का हाथ बढ़ाते है सभी लोगों को रक्तदान के लिए मनाते है खुद को किनारे रख दूसरों को ज़ेहन में लाते है रक्तदान कर किसके जीवन में खुशियां लेकर आते है। Vandana Sharma
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