मेरी पहचान
समुंदर की गहराइयों में डूबकर एक एक पत्थर चुना है, पहाड़ों के ऊंचाइयों में बसे अपने मंजिल तक का रास्ता बनाने वास्ते। हर कदम आग का दरिया पार कर, फूलों की चादर बिछाई है, एक सुनहरे कल के लिए आज को खूबसूरत बनाने वास्ते।
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