बेरोजगारी
बीत गया ये साल भी करते-करते परीक्षा की तैयारी, इस साल भी दूर नहीं हुई पढ़ने वालों की बेरोजगारी। करते रहे साल भर बच्चे तैयारी, सोचा था शायद हो जाएगी खत्म बेरोजगारी । नहीं गए घर शादी ब्याह और त्यौहार पर भी सोचते रहे की कहीं छूट ना जाए परीक्षा कि तैयारी करते रहे प्रयास जिससे खत्म हो बेरोजगारी। कभी हो गई परीक्षा स्थगित तो कभी आ गई पेपर आउट होने की बारी, तभी तो नहीं आई इस बार भी नौकरी की बारी। किस्मत रही इस बार भी मेहनत पर भारी, और दूर नहीं हो पाई मेहनत करने वालों की बेरोजगारी । करते रहेंगे हम भी परीक्षाओं की तैयारी, जारी रखेंगे प्रयास नये साल में भी जारी। होगी एक दिन मेहनत भी किस्मत पर भारी, आने वाले साल में दूर हो ही जायेगी बेरोजगारी। By Kuldeep
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