उम्मीद
उदास हो मायूस बन फिरने से है क्या हासिल? हाल जैसा भी हो मेरा तुम्हारा जीवन मुस्कुराता है । जब हम तकते है मीलों तक नहीं दिखती है उम्मीदें। कही से कोई बन कर के मसीहा पास आता है।
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