जीवन यात्रा
बिहटेश्वर से सिद्धेश्वर सिद्धेश्वर से विश्वेश्वर विश्वेश्वर से केदारेश्वर केदारेश्वर से झारखंडी झारखंडी से चुटेश्वर चुटेश्वर से क्षीणेश्वर ..... बस यही प्राप्त है मेरे जीवन का यही मेरे जीवन यात्रा के पड़ाव यही मेरा कल्याण यही खुशी बस यही मेरा प्रेरणा व पाथेय। जीवन आधार यही अस्तित्व यही यही मेरे साथी मेरे पतवार यही यही मेरे परम गुरु मेरे पालनहार यही यही हैं मेरे जीवन धारा यही हैं मेरे सर्वस्व । यही भक्ति यही प्रेम यही ज्ञान योग हैं यही कारक यही परिणाम यही प्रयास हैं यही त्रुटि यही सीख यही उमड़ते भाव हैं बस सब कुछ इन्हीं से है और इन्हीं के लिए है।
Ad
Poetry Books 50% Off
Bestselling collections from top poets
Shop Now →
