उदासी में कृष्ण ❤️
जब भी मन रोया चुपचाप, नाम लिया मैंने बस "श्याम"। कानों में बंसी की धुन गूंज उठी, आँखों में छलक आया घनघोर गम। गोकुल छोड़ा, राधा छूटी, फिर भी दुनिया कहे तू मुरली वाला। मेरे जैसे हर टूटे दिल में, तू ही बसता, मेरा रखवाला। कभी नहीं देखा तुझे सामने, फिर भी हर मोड़ पे तू साथ लगा। जब सबने मुँह मोड़ा मुझसे, तेरा ही नाम सहारा बना। हे कन्हैया! उदासी की रातों में, बस एक तू ही मेरा चाँद बन जा। बंसी की वो मीठी तान सुना, मुझमें फिर से जीवन भर जा। shweta___
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