आनंद ही आनंद है
आनंद ही आनंद है ======================== जीले जरा प्यारे, सृष्टीकी गोचर मे, क्यु पडा है, नीहालसा, बेखबर बेखबरसा. आनंदही आनंद है, सब याहा......, जरा सोच को आपनी बदल जरा, क्यु मरता है जल जल के, चीतापे जानेसे पहले. आनंद मे भी ये कैसी खामोशी , तेरे चहरे पर उदासी....., अपेक्षा इतनी क्यु तेरी....., जरा तो संभल जा. ये जीवन है, माता पिता और ईश्वर की देन, ऊस युही न गवा....., जालना तो है एक दीन, अभी तो जीवन का मजा ऊठा, आढी तो जीवन का मजा ऊठा. ===========================
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