दोहा-नरेंद्र सिंह
होगी तेरी जीत। अंकुश जिसके बोल पर, होती उसकी जीत। ऐसी वाणी बोलिए, रिपु बन जाए मीत।। मधुर वचन तुम बोल लो, होगी तेरी जीत। यही एक तो मंत्र जो,सबसे रखता प्रीत।। इज्जत मिलती बोल से, बात समझ रे पोच। जब भी मुँह को खोलना, पहले लेना सोच।। मधुर वचन प्रभु का भजन, और संत को मान। जग में यही त्रि रत्न है, इसकी गुरुता जान।। दिल पर करता राज वह,बोले जो मृदु बोल। पूरे इस संसार में, यही एक अनमोल।। 21.04.2025
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