इतना करती हूं तुमसे प्रेम.....
हर जनम में तुम मिलो इतना करती हूँ तुमसे प्रेम… कहाँ से शुरू करूँ अपने दिल की कहानी, मेरी हर खामोशी में बस तुम्हारी ही रवानी। जब पहली बार तुम्हें देखा, जैसे समय ठहर सा गया, मेरे दिल का हर कोना तुम्हारे नाम से भर सा गया। ना कोई वादा था, ना कोई शर्त थी, फिर भी तुम्हारे लिए मेरे दिल में असीम मोहब्बत थी। जब भी रब से दुआ मांगती हूँ, बस एक ही बात कहती हूँ — अगर फिर से जनम मिले मुझे, तो मेरी राहों में तुम ही मिलना। ना सोना चाहिए, ना कोई दौलत चाहिए, बस तुम्हारा साथ चाहिए जो हर जन्म में मिलता जाए। हर जनम में तुम मिलो, इतना करती हूँ तुमसे प्रेम, कि अगर किस्मत फिर से लिखी जाए तो मेरी तकदीर में बस तुम्हारा ही नाम हो।
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