कॉलेज एक यादगार सफर
वक्त गुजरता चला आया यहां तक, लग रहा ऐसा मानो बस कल की बात है। ना ही दिखेंगे अब वो सारे चहकते चेहरे , ना ही गूंजेगी उनके हंसने की किलकारियां l खामोशी और मायूसी से भरे हैं सबके दिल के कमरे, पर सुनहरे यादों से भरी हैं दिल की चारदीवारियां।। वक्त गुजरता चला आया यहां तक, लग रहा ऐसा मानो बस कल की बात है। वो क्लास में हमेशा सबका लेट आना, सबका मिल कर क्लास बंक कर जाना। पीछे वाली सीट पर बैठ कर गप्पे लड़ाना, और पकड़े जाने पर दोस्तों को फंसा जाना।। वक्त गुजरता चला आया यहां तक, लग रहा ऐसा मानो बस कल की बात है। उम्मीद है हम फिर से मिलेंगे, साथ में फिर बैठेंगे, हर पुरानी यादों को एक बार फिर से जिएंगे। ये कहानी तो कभी भी थम सकती नहीं, रुक नहीं सकती और खत्म भी हो सकती नहीं।। वक्त गजरता चला आया यहां तक, लग रहा मानो बस कल की बात है।। -स्वाति।
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