कोई फेल हुआ कोई पास हुआ
जिस जिसको ये अहसास हुआ उस देवी का वो दास हुआ पाना उसको था बहुत कठिन कोई फेल हुआ कोई पास हुआ उसके चेहरे का वो भोलापन सबको आकर्षित करता है उसका मीठा प्यारा लहज़ा हर दिल को हर्षित करता है जिससे उसने दो बातें की वो लम्हा उसका खास हुआ ।। पाना उसको था बहुत कठिन कोई फेल हुआ कोई पास हुआ कोशिश उसकी रंग लायी जिसके दिल में शिद्दत थी आख़िरी में वो पा ही गया जिसकी अनमोल मुहब्बत थी बस उसे छोड़ वो जिसे मिली और सारा शहर उदास हुआ पाना उसको था बहुत कठिन कोई फेल हुआ कोई पास हुआ - मुंतजिर अर्चित
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