जवाब कौन देगा ?
ये दरकते पहाड़ों का , हिसाब कौन देगा ? मेरी माटी पूछने लगी है , मुझे इंसाफ कौन देगा ? आई जो सड़क बस पत्थरों का एक बिछाव है । घोटालों की सुध लेगा कौन ? जवाब कौन देगा ? सदन मैं बैठते हो ! तुम्हारी तनख्वाह भी बड़ी है । रोटी -मकान, साजो सामान सब ऐसो आराम है , मेरे घर के खर्चे का हिसाब कौन देगा ? वह पत्थरों के बोझ में दबी स्त्री , वह ऊंचे चट्टान से गिरी स्त्री , वह प्रसव की पीड़ा से पीड़ित स्त्री , वह चीखती -बिलखती आवाज का हिसाब कौन देगा? उस स्त्री को बताओ "नेता" इलाज कौन देगा ? वह शिक्षा से वंचित बच्चा, सपना क्या देखे अच्छा ? स्कूल छीन लिए उसका , उसे आवाज कौन देगा ? उम्मीदों की कस्ती का आगाज कौन देगा ? पीड़ा नहीं है तुम में , कवि की सुनेगा कौन ? कान के पर्दे फ़टे हैं, मुंह से है "नेता" मौन, पहाड़ों की समस्या का जवाब बताओ देगा कौन ? मेरी एक आवाज से, पूछते हो मैं हूँ कौन ? मैं माटी हूँ ,मेरा हिसाब कौन देगा ? मेरे हिस्से का अब जवाब कौन देगा ? वे पूछते हैं मैं कौन ? मैं मिट्टी हूँ ,मेरा जवाब कौन देगा ? naren Auditya Uttarakhandi
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