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किसी को भूल जाना इतना आसान नहीं होता , उसके बिना जीना मुमकिन नहीं होता, हर जगह बस वहीं दिखती, मन बेचैन सा रहता, उदासी साफ दिखती,कभी खुद भी जीने का मन नहीं करता , दिन भर बस उससे बाते करता, खुद से ज्यादा उसको चाहता, किसी से ज्यादा बातें करना पसंद नहीं करता , बस अकेले रहना अच्छा सा लगता।। खुद पे खुद का जोर नहीं , कहा हु पता नहीं , नाम मेरा क्या है ,वो भी पता नहीं , डर लगता , मुझे जब बांध दिया जाता , कोशिश भागने की बहुत करता , पर भाग भी नहीं पाता , बीमारी से अंजान हु, अपने ही दर्द में कहीं गुम हुं।।
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