बस यही करता रहा देर तक
आंखों में मेरी नूर ठहरा रहा देर तक, मैं उसे मोहब्बत समझता रहा देर तक। मैं चाहता रहा उसकी शख्सियत को, वो हुस्न का गुरूर करता रहा देर तक। दिल की दहलीज़ से सटकर था खड़ा, मैं उसका इंतेज़ार करता रहा देर तक। उसका अक्स देखा था किसी आईने में, वो आईना तलाश करता रहा देर तक। सितारा जो गिरा असमान से टूट कर, "ज़हीन" असमान तकता रहा देर तक।
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