अगर डरोगे तो क्या चल पाओगे।
कितनी ही बड़ी मुश्किल हो पहाड़ हो समंदर हो थक हार कर गर बैठ गये क्या पार उसे कर पाओगे हाँ कांटों का बिछौना है अगर डरोगे तो क्या चल पाओगे। हाँ मंजिल सीधी नहीं है केवल एक मोड़ ही बाकी है अगर मोड पर सीधे चलोगे सीधे चलकर थोड़ा मुड़ोगे देखोगे तब तुम मंजिल अगर डरोगे तो क्या चल पाओगे। कुछ प्रयत्न के बल पर मंजिल को पाया नहीं जाता केवल फूलों पर चलकर अपने हाथों से हाथ मलोगे तो तुम क्या कर पाओगे अगर डरोगे तो क्या चल पाओगे। कठोर श्रम की आदि है यह बिन श्रम इसे पाया नहीं जाता हाँ गर श्रम कठिन कर लोगे तो मंजिल को पा जाओगे अगर हुंकार नहीं भर पाए अगर डरोगे तो क्या चल पाओगे।
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