पापा की वेदना😔
बड़ा मुबारक था वो दिन, जब बेटी दुनिया मे आई 💐 पापा ख़ुशी से झूम उठे, घर उनके है लक्ष्मी आई बेटी संग खेले पापा, सुंदर स्वप्न सजाते हैँ बेटी की हर चाहत को पूरा कर दिखलाते हैँ खुश रहते हैँ पापा जब गुड़िया उनकी हंसती है हर पापा की जान उनकी गुड़िया मे बसती है लाडो की ख्वाहिश पर पापा अपनी जान लुटाते हैँ एक आवाज देने पर बेटी के, दौड़े दौड़े आते हैँ बेटी कहती, कोचिंग मुझको ऑनलाइन है पढ़ना दुनिया की इस दौड़ में मुझको आगे है बढ़ना बेटी की चाहत पर, पापा ने मोबाइल दिलवाया खूब पढ़ना, आगे बढ़ना, ये पापा ने बतलाया खुद के खर्चे कम करके, मोबाइल किश्तों मे मंगवाते हैँ 🤗 पढ़कर नाम करेगी बेटी, पापा ऐसी आस लगाते हैँ पढ़ती नहीं है वो , दिन भर इंस्टाग्राम चलाती है तरह तरह पोशाक पहनकर वो तो रील बनाती है घर में देती नहीं है टाइम, बाहर फ्रेंड बनाती है पापा की परी की एक लड़के से हो जाती है यारी उसकी यारी में लड़की भूल गयी दुनिया सारी आया वक़्त ऐसा एक जब उसकी मत मारी गयी अंधी होकर प्यार में लड़के संग निकल गयी घर की मर्यादा लांघ गयी, माँ की ममता छोड़ गयी, पिता को रोता छोड़ गयी दिन, महीने गुजर गए, अब रोती याद करके वो पिछला🥺 जब वो प्यारा बाबू अब्दुल पंचर वाला निकला एक दिन पापा को खबर मिली वो नहर किनारे पड़ी मिली पापा की परी अब पापा को मरी मिली, सूटकेस में भरी मिली बेटी के लिए पापा सुंदर ख्वाब सजाते हैँ बेटी के मोबाइल की अब भी किश्त चुकाते हैँ
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