हाल बदले तो कोई बात बने
हाल बदले तो कोई बात बने साल तो हर साल बदलता है कोई मिलता है कोई बिछड़ता है ये सिलसिला चलता रहता है कहीं टूटती उम्मीद तो कहीं टूटते ख्वाब बस आदमी ही है जो फिर भी चलता रहता है। हाल बदले तो कोई बात बने साल तो हर साल बदलता है।।
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