डॉ अंबेडकर की कहानी
लिखना चाहूं तो स्याही कम पड़ जाए कहना चाहूं तो शब्द कम पड़ जाए। जिनका जीवन बगावत की निशानी है वो महानायक डॉ. अंबेडकर की कहानी है। जिन्होंने खुद को जलाकर हमें रोशन किया शिक्षा और संघर्ष का जिसने मार्ग दिया। ये सच है कि वो कर्मठ, उदार और ज्ञानी हैं वो महानायक डॉ. अंबेडकर की कहानी है। कलम को तलवार बना, जंजीरों को काटा है बेशर्मी का नकाब पहन, जिसने वर्गों में बाँटा है। बांटा जाति धर्म और बांटा कुएं का पानी है जिसने सब अधिकार दिलाए वो अंबेडकर की कहानी है। वो काग़ज़ नहीं, लकीर बनी वो संविधान नहीं, तकदीर बनी। उनके कलम ने बदली, जाने कितनों की कहानी है वो कोई और नहीं, डॉ अंबेडकर की मेहरबानी है।
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