हत्या
इस भ्रम को तोड़ना होगा हमें नियम बदलना होगा उम्मीद विश्वास तोड़ने को भी हत्या अब मानना होगा। किसी पर अटूट विश्वास जिस पर सारी उम्मीदें टिकी हो किसी के मन में आदर्श छावी हो विपरित आचरण को भी हत्या मानना होगा। किसी की जान लेना तो एक तुच्छ अपराध है आजीवन के लिए मिले टीस और दंश को किसी की भावनाओं से खेलने को भी अब वीभत्स अपराध की श्रेणी में डालना होगा। ये क्या बात हुई कि कोई मन को मसल दे ये क्या बात हुई कि पल भर में खुशियां चुरा ले अवसाद में झोंक के जीने की उम्मीद छिन ले ये छोटी बात नहीं इस पर अब कुछ करना होगा।
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