प्रेम
●●● आजकल हैं दहकती सी शामें सनम जगनुओं से भी दामन बचाया करो प्यार के हमनें किस्से सुने हैं बहुत। प्यार जिसनें किया वो गया काम से।। प्यार करने के मौसम कई आएंगे। प्रेम सीखो मगर राधा से श्याम से।। प्रेम मीरा ने मोहन से जैसे किया। प्रेम राधा सा हमसे निभाया करो।। आज देखो मिला हैं धरा से गगन। तुम भी मिलने 'अयन' हमसे आया करो।। आजकल हैं दहकती सी शामें सनम जगनुओं से भी दामन बचाया करो ●●● ©deovrat 'अयन' 21.04.2025
Ad
Poetry Books 50% Off
Bestselling collections from top poets
Shop Now →
